Taksh Pragya Sheel Gatha
Home >> गीत - कविताए

गीत - कविताए

खुद का दुश्मन खुद

Siddharth Bagde
Tuesday, July 2, 2019, 06:36 PM

खुद का दुश्मन खुद ....

ये जमाने की खुशिया है

Siddharth Bagde
Wednesday, June 12, 2019, 08:46 PM

रूठो को मनाओ तुम ये जमाने की खुशिया है ....

उनसे कह दो कि डरे नहीं है हम

TPSG
Friday, May 31, 2019, 03:43 PM

उनसे कह दो कि डरे नहीं है हम, हारे हैं जरूर मगर मरे नहीं हैं हम। ....

ईश्वर एक धोखा  

TPSG
Saturday, May 25, 2019, 09:27 AM

चार ईंट लगाकर मथा टेकने से भगवान मिलता  ....

जिन्दगी की दौड़

TPSG
Saturday, May 25, 2019, 09:24 AM

हम भी मुस्कराते थे कभी बेपरवाह अन्दाज से ....

असत्य को न मानने वाली नास्तिक हूँ मैं

TPSG
Saturday, May 25, 2019, 08:46 AM

मूर्ति पूजा करने की जगह मानवता को पूजती हूँ मैं ....

अक्से खुशबू हूं, बिखरने से न रोके कोई

TPSG
Tuesday, May 21, 2019, 09:06 AM

अक्से खुशबू हूं, बिखरने से न रोके कोई ....

हां अगर तूने पुकारा तो ठहर जाऊंगा

TPSG
Tuesday, May 21, 2019, 08:53 AM

हां अगर तूने पुकारा तो ठहर जाऊंगा ....

मैं गया वक्त नहीं हूं कि फिर आ भी न सकूं

TPSG
Tuesday, May 21, 2019, 08:43 AM

मैं गया वक्त नहीं हूं कि फिर आ भी न सकूं ....

वे हर मकान को अपने मकान की याद में देखते हैं

TPSG
Tuesday, May 21, 2019, 08:37 AM

वे हर मकान को अपने मकान की याद में देखते हैं। ....

आदमी के अंदर  आदमी

TPSG
Tuesday, May 21, 2019, 08:32 AM

हर आदमी के अंदर कम से कम एक आदमी और रहता है ....

 जब सारे मोतियों के खजाने निकल गए

TPSG
Tuesday, May 21, 2019, 07:58 AM

पढ़ लिख गए तो हम भी कमाने निकल गए, घर लौटने में फिर तो जमाने निकल गए ....

    
1
2
3
4
5
6
7
    
Page 1 of 7