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दुश्मन आपके भगवान कैसे

Sudarsan Shende

Tuesday, September 21, 2021, 09:39 AM
shivaji

आपके प्रेरणास्थान के दुश्मन आपके भगवान कैसे ?

जो लोग शिवाजी महाराज को मानते है वो ब्राम्हणों की पूजा क्यों करते है ?

ब्राम्हणों के हाथो ही सभी रीतिरिवाज पूजा पाठ क्यों करते है ?

क्या तुम्हे मालूम नही शिवाजी का इन ब्राम्हणों ने कितना अपमान किया है ? शिवाजी को बदनाम किसने किया है ?

फिर तुम लोग जिस शिवाजी को अपना प्रेरणा स्थान मानते हो उन्ही का अपमान करने वाले, उनको बदनाम करने वालों को कैसे पूज सकते हो |

क्या सच मे तुम्हे शिवाजी से प्रेम है ?

कि यहा भी नकली ढोंग करते हो ?

अगर शिवाजी को मानते तो उन्हे विष देकर हत्या करने वालों का ही साथ देते ?

इतिहास गवाह है शिवाजी की सबसे ज्यादा बदनामी ब्राम्हणों ने की | ब्राम्हणों ने ही छत्रपती पद को नाममात्र रखकर धोखे से पेशवाई की स्थापना की | खुद की मनमानी की | शिवाजी के शूर पुत्र संभाजी को तो इतना बदनाम किया की आप सोच भी नही सकते | फ़िर भी तुम्हारे आराध्य दैवता को मारने वालों के ही तुम पीछे भागते हो कैसे कुरबी ,मराठा हो तुम |

क्या तुम्हे पता है महात्मा फुले जी ने शिवाजी महाराज की समाधि ढूँडके गयारह दिन का शिवाजी महोत्सव चालू किया था पर ब्राम्हणों ने शिवाजी के वर्चस्व को समाप्त करने के लिये दस दिन का गणपति महोत्सव चालू किया | और आज तुम इसी गणपती के पीछे शिवाजी महाराज की जय के नारे देते हो | जिस बाल गंगाधर तिलक ने गणपति महोत्सव चालू किया वो शिवाजी के बारे मे कितनी गलत बाते कर गया क्या तुम्हे पता नही ? शिवाजी का अपमान करने के लिये इस तिलक को सजा भी हुयी थी | पर तुम शिवाजी के सिर्फ नाम के सैनिक हो |

तुम्हे शिवाजी से कोई मतलब नही | अगर होता तो शिवाजी को बदनाम करने वालों के ही पैरो मे पडे ना होते |

शिवाजी को शूद्र कहकर राज्यीभिषेक करने से रोका गया था | कई पंडितोने मना करने के बाद गागाभट्ट को बहुत से सोना जवाहरात देके बुलाया गया | इतना अपमान तो औरंगजेब ने भी नही किया | फ़िर भी आप उन्ही लोगों का साथ देते हो जो शिवाजी से नफ़रत करते है और शिवाजी के नाम परतुम्हे मूर्ख बनाते है |

जो शिवाजी महाराज को मानता है उसमे जरा भी शर्म होगी तो आज से अभी से ब्राम्हणों को पूजना बंद कर देंगे | ब्राम्हणों के हाथो पूजापाठ, कर्मकांड करवाना बंद कर देंगे | जिनमे शर्म नही होगी वो शिवाजी को मारने वाले ब्राम्हणों के ही तलवे चाटते रहेंगे |

एक बात और, शिवाजी को भुलाने के लिये ही गणेश उत्सव मनाना चालू किया गया |

तो अब आप सोचो आपको शिवाजी जरूरी है या ब्राम्हण निर्मित काल्पनिक भगवान ?

एक बात याद रखें ब्राम्हण कभी तुम्हारा भला नही चाह सकते | इनसे सावधान रहने मे ही तुम्हारी भलाई है | ब्राम्हणों के गलत इतिहास मे मत फंसो | अभीभी वक्त है जाग जाओ |

इस एक लाइन मे ही ब्राम्हणों के कपट का पर्दाफाश होता है . . . अटक पार झंडे लगाये तो ब्राम्हण और पानीपत हुवा तो मराठों का | क्या इससे इनकी मानसिकता का परिचय नही होता ?

मतलब जीते तो ब्राम्हण, हारे तो मराठा कुनबी वाह क्या न्याय है ??

शिवाजी के सैनिको जागो. . . तुम्हारे प्रेरणास्थान को बदनाम करने वालों की गुलामी तोडो |

जो शिवाजी महाराज तक को शूद्र कहते है उनकी नजर मे आपकी क्या हैसियत होगी ?

या अब भी धर्म मे यही लिखा है कहकर ब्राम्हणों की ही बाजू लोगे |

अगर शिवाजी महाराज शूद्र तो कुर्मि और मराठा कौन ?

- अखिलेश पटेल





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