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तार्किक रामायण

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Friday, October 16, 2020, 08:19 AM
Ramayan

तार्किक रामायण -

१. भगवान श्रीराम क्षत्रिय थे या ब्राह्मण ?

२. भगवान श्रीराम का जन्म उनके माता पिता कौशिल्या और दशरथ के यौन व्यवहार से नहीं हुआ था तो वे क्षत्रिय कैसे हुआ ?

३. राजा दशरथ का चौथापन याने 75 वर्ष पार हो गया था इतने अधिक उम्र में संतानोत्इंस असंभव होता है क्योंकि गुणसूत्र कमजोर हो जाते हैं । 

४. भगवान श्रीराम का जन्म श्रृंगी श्रृषि के द्वारा किया गया पुत्रेष्ठि यज्ञ से हुआ था तो श्रृंगी श्रृषि ही भगवान श्रीराम का जेनेटिक पिता हुआ तो भगवान श्रीराम ब्राह्मण  हुए । क्षत्रिय कैसे हुआ ? 

५. अगर श्रीराम क्षत्रिय होता तो कोई भी ब्राह्मण श्रीराम का पूजा नहीं करता क्योंकि वर्णव्यवस्था में ब्राह्मण का स्थान उच्च होता है ।

६. हनुमानजी पवनपुत्र थे या शंकरपुत्र ?

७. अगर हनुमानजी शंकर भगवान के जेनेटिक पुत्र थे तो वह पवनपुत्र कैसे हुआ ?

८. हमने आजतक शास्त्रों में तथा फोटो में शंकर भगवान को धनुष रखते हुए नहीं देखा । हां त्रिशुल , डमरू , गले में लिपटा हुआ शर्प , सिर में चन्द्र और जटा से गंगा को बहते हुए जरूर देखा है । फिर शंकर भगवान के कौन से धनुष से जनकपुर में सीता का स्वयंवर हुआ ?

९. अगर शंकर भगवान का धनुष किसी से नहीं उठता था  तो जनकपुर किसने लाया होगा ? क्या स्वयं शंकर भगवान अपने धनुष को जनकपुर छोड़ने आया था ? 

१०. शंकर भगवान का अद्भूत धनुष सीताजी से उठ गया परन्तु रावण ने नहीं उठा पाया ।

११. उस विशाल धनुष को उठानेवाली बलशाली सीता को रावण ने उठाकर ले गया । बेबस सीता विरोध तक नहीं कर सकी ।

१२. रावण ने शंकर भगवान के विशाल धनुष को उठानेवाली सीता को आसानी से उठा ले गया परन्तु उस धनुष को नहीं उठा सका । यह क्या चक्कर है ?

१३. श्रीराम ब्राह्मण थे इसका एक और सबूत है कि पत्थर पर पैर रखते ही पत्थर अहिल्या हो गयी । किसी भी वेद शास्त्रों में किसी भी क्षत्रिय या राजाओं में  अलौकिक शक्ति होने का वर्णन नहीं मिलता । यह अभयदान सिर्फ ब्राह्मणों को प्राप्त था उसे किसी भी को यहां तक भगवानों को भी श्राप देने या दण्ड देने का अधिकार प्राप्त था ।

१४. हालाकि श्रीराम ने पत्थर को अहिल्या बना दिया परन्तु अपने मृत पिता को जीवित नहीं कर सका । यहां तक शक्तिबाण से घायल लक्ष्मण को , घायल जटायु को भी जीवित नहीं कर सका ।

१५. घायल लक्ष्मण को जीवन दान देने के लिए हनुमान को संजीवनी लाना पड़ा । परन्तु यह संजीवनी सिर्फ घायल लक्ष्मण पर ही असरदार हुआ और अन्य घायलों पर इसका कोई असर नहीं हुआ ।

१६. जब समुद्र में राम सेतु नहीं बना था तो जनकपुर में सीताजी के स्वयंवर का निमंत्रण देने लंका कौन गया होगा  ? 

१७. जब रावण राक्षस थे तो उसे सीताजी के स्वयंवर का निमंत्रण क्यों दिया गया ?

१८. समुद्र में रामसेतु बनाने के लिए वानर लोग पत्थर पर  श्रीराम लिख कर डालते थे तो वानरों को लिखने पढ़ने किसने सिखाया होगा ?

१९. जिस पत्थर पर मात्र श्रीराम लिख देने से वह पत्थर पानी में नहीं डूबता था तो साक्षात श्रीराम समुद्र में चलकर  क्यों पार नहीं हो सका ?

२०. जो पत्थर पर श्रीराम लिखा गया वह पानी में तैरने लगा डूबा नहीं तो उस पत्थर को हिन्द महासागर से कौन चुरा ले गया ? अभी वहां तैरने वाले एक भी पत्थर क्यों नहीं मिलता  ? 

भगवान श्री राम का देहांत कैसे हुआ था।

अगर भगवान था तो मरा कैसे, किसने मारा।

अगर किसी ने मारा या खुद मरा तो लहाश/ डेढ़ बॉडी क्यो नहीं मिली।।

             हमारे देशवासी लोग असत्य को ही सत्य समझकर स्वयं को बर्बाद कर रहें हैं । दोस्तों तर्कशील बनिये और पाखण्ड , अंधविश्वास से मुक्ति पाइये । स्वयं के विवेक को जगाइये , अपने अज्ञानता और भ्रांति को मिटा दीजिए ।

यथार्थ को जानों, सत्य को छानों और इंसानियत को मानों  ।

 जय विज्ञान , जय संविधान , जय भारत ।





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