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धम्म की पांच दुर्लभ बातें

TPSG

Tuesday, July 7, 2020, 09:28 AM
Five things

पांच दुर्लभ बातें सुलभ होने पर ही हमें निर्वाण प्राप्त हो सकता है ।

1) बुद्ध उप्पादो दुल्लभो लोकस्मिं ।

-लोक में बुद्ध का उत्पन्न होना दुर्लभ है ।

2) मनुस्स भावो दुल्लभो लोकस्मिं।

-मनुष्य जीवन मिलना भी अत्यंत दुर्लभ होता हैं ।

3) सद्धम्म सवनं दुल्लभो लोकस्मिं।

-सद्धम्म सुनने को मिलना और समझना भी अत्यंत दुर्लभ होता हैं ।

4) सद्धा संपत्ति दुल्लभो लोकस्मिं ।

-धम्म के प्रति श्रद्धा उत्पन्न होना भी अत्यंत दुर्लभ है ।

जब तक धम्म सुनेंगे नहीं, तब तक समझेंगे नहीं ।

और जब तक धम्म समझेंगे नहीं, तब तक धम्म के प्रति श्रद्धा उत्पन्न हो नहीं सकता ।

धम्म सुनने को मिलना, समझना और उसके प्रति श्रद्धा उत्पन्न होना अत्यंत दुर्लभ है ।

5) पब्बजित भावो दुल्लभो लोकस्मिं ।

-प्रव्रजित होना भी अत्यंत दुर्लभ होता हैं ।

यहाँ #प्रव्रजित शब्द के दो अर्थ होते हैं ।

पहला अर्थ : गृहत्याग कर, चिवर धारण कर, धर्म अभ्यास (धम्म अभ्यास) में लग जाना ।

दुसरा अर्थ : बिना गृहत्याग किये ही, गृहस्थ जीवन में रहते हुए ही अपने आपको बुद्ध, धर्म और संघ के प्रति समर्पित कर धर्म अभ्यास में लग जाना ।

अत्यंत दुर्लभ है ।

जब यह पांचो दुर्लभ बातें सुलभ होंगे, तभी हमारा कल्याण होगा ।





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