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अनुसूचित जाति का अर्थ

TPSG

Friday, May 10, 2019, 12:07 AM
SC

अनुसूचित जाति का अर्थ
(जाति) का मतलब तो हमको पता है, परन्तु ये (अनुसूचित) का क्या मतलब है ?
सन् 1931 में पहली बार उस समय के जनगणना आयुक्त (जे. एच. हटन) ने संपूर्ण भारत के अस्पृश्य जातियों की ‘‘जनगणना’’ की और बताया कि भारत में 1108 अस्पृश्य जातियां है, और वे सभी जातियां (हिन्दू धर्म के बाहर) हैं। इसलिए, इन जातियों को (बहिष्कृत जाति) कहा गया है। उस समय के प्रधानमंत्री (रैम्से मैक्डोनाल्ड) ने देखा कि हिन्दू, मुसलमान, सिख, एंग्लो इंडियन की तरह (बहिष्कृत जातियां - एक स्वतंत्र वर्ग) है और ये सभी जातियों का हिन्दू धर्म में समाविष्ट (नही) है, इसलिए उनकी (एक सूची) तैयार की उस (सूची) में समाविष्ट जातियों को ही (अनुसूचित जाति) कहा जाता है। इसी के आधार पर भारत सरकार द्वारा ‘‘अनुसूचित जाति अध्यादेश 1935’’ के अनुसार (कुछ सुविधाएं) दी गई हैं। उसी आधार पर भारत सरकार ने ‘‘अनुसूचित जाति अध्यादेश 1936’’ जारी कर (आरक्षण सुविधा प्रदान) की।
आगे 1936 के उसी अनुसूचित जाति अध्यादेश में थोड़ी हेरफेर कर ‘‘अनुसूचित जाति अध्यादेश 1950’’ पारित कर (आरक्षण का प्रावधान) किया गया।
अनुसूचित जाती का नामकरण का उदय का इतिहास यही कहता हे की भारत वर्ष में 1931 की जनगणना के पहले की (अश्पृष्य, बहिष्कृत् हिन्दू से बाहर) जातिय थी इसी बहिस्कृत जातियो की (सूची) तैयार की गई और उसी  (अश्पृष्य, बहिष्कृत् हिन्दू से बाहर) जातियॉ की (सूची) से के आधार पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी ने ब्राह्मणों के खिलाफ जाकर अंग्रेजो से लड़कर हमें ‘‘मानवीय अधिकार’’ दिलाने में ‘‘सफल’’ हुये।
अनुसूचित जाति का (मतलब) ही ये है तो हमें भी ये जान लेना चाहिए की अनुसूचित का मतलब उस दौर में (अश्पृष्य, बहिष्कृत् हिन्दू से बाहर) मतलब (जो हिन्दू नहीं थी वे जातिया) है। (हिन्दू से स्वतंत्र वर्ण व्यवस्था से बाहर अ-घोषित वर्ण अतिशूद्र) (अनुसूचित जाति ) हमारी संवैधानिक पहचान है।
और जो कुछ आज हम फायदा ले रहे है वह सिर्फ और सिर्फ मिलता है, अनुसूचित जाति के नाम पर ना कि ‘‘दलित, ऋवंणकर, चमार, या वाल्मीकि के नाम पर।
और एक (हम लोग SC) है कि ‘‘अनुसूचित जाति’’ नाम का उदभव के इतिहास की जानकारी होने के बावजूद भी हमारे लोग हिन्दू हिन्दू को पकडे हुये है।
अगर आप अभी भी ‘‘हिन्दू’’ को पकडे हुये तो ये नैतिक रूप से बाबासाहेब के संविधान का अपमान कर रहे है।
हमेशा याद रहे कि (अनुसूचित) का मतलब ‘‘सिर्फ और सिर्फ’’ यही है कि जो लोगो ‘‘हिन्दू धर्म’’ में नहीं है।

 





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