भरहुत स्तूप मध्यप्रदेश TPSG Saturday, June 13, 2020, 04:40 PM #भरहुत_स्तूप_मध्यप्रदेश के इस शिल्प ने लक्ष्मी के मिथक के राज उजागर कर दिया।और अमरावती आंध्र प्रदेश के बुद्ध स्तूप ने भी इसे अधिक स्पष्ठ कर दिया। यह गज यानी हाथी के साथ खड़ी लक्ष्मी कोई और नही बल्कि बुद्ध की माता महामाया ही है! आज के ओबीसी ब्राम्हणो के जुल्म में इतने वर्षों से गुलाम होने के बावजूद भी वे बुद्ध और महामाया की याद को संभालकर रखे हुए है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में जो महालक्ष्मी का मंदिर है वह महामाया का ही मंदिर है। इसमें कोई शंका नही रह जाती। महाराष्ट्र के सारे नॉन ब्राम्हण (ब्राम्हणेत्तर) लोग भवानी या लक्ष्मी को मानते है वे तो बौद्ध परंपरा को ही मानते है बस फर्क इतना है कि उन्हें इसे ठीक से समझना है और उन्हें ठीक से समझाना है। देवताओ को गाली देने के बजाय उनके प्रतिमा की पुरतात्विय आधार पर अध्ययन करो,व्याख्या करो, डीब्राम्हणायजेशन करो,तर्क करो,विवेक बुद्धि का इस्तेमाल करो ,फिर देखो कमाल। प्रो.विलास खरात। Tags : Buddha mother Mahamaya elephant Lakshmi