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उत्तरी गुजरात में देव नी मोरी

Rajendra Prasad Singh

Saturday, September 7, 2019, 12:59 PM
Dev ni mori

उत्तरी गुजरात में देव नी मोरी है। बहुत बड़ा बौद्ध स्थल। 1936 में खोज हुई। 1960 -63 में खुदाई हुई। स्तूप मिला। स्तूप के भीतर मंजूषा मिला। मंजूषा पर अभिलेख मिला। अभिलेख में बुद्ध ( दसबल ) का नाम मिला। गौतम बुद्ध की मिट्टी की बनी सुंदर - सुंदर मूर्तियाँ मिलीं। सभी एम. एस. विश्वविद्यालय, बड़ोदरा में सुरक्षित हैं। सरकार ने 1971-72 में मेसवा डैम का निर्माण कराया और बौद्ध स्थल पानी में डूब गया। आप यदि स्तूप - स्थल तक जाना चाहते हैं तो बौद्ध झंडा लगा खंभा देखिए। मोटर बोट से जाना होगा। वहीं देव नी मोरी का स्तूप था और ये सब सामग्री वहीं से मिली थीं, जहाँ अब जल ही जल है। भोन स्तूप का भी यहीं हाल होगा।

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