नाग की लिपि Rajendra Prasad Singh Saturday, November 2, 2019, 04:34 PM मामूली बात भी लोग या तो नहीं समझते हैं या समझने की कोशिश नहीं करते हैं। भाषावैज्ञानिक मानते हैं कि नागरी लिपि के नामकरण को लेकर अनिश्चितता है। कोई अनिश्चितता नहीं है। नागरी लिपि का अर्थ हुआ -- नाग की लिपि। नागरी में जो " री " है, वह संबंध कारक है। संबंध कारक का, के, की, रा, रे, री है। यहीं " री " नागरी में जुड़ी हुई " री " है। हिंदी सर्वनामों में जैसे संबंध कारक तेरी, मेरी, तुम्हारी है, वही नागरी में है। नागरी मतलब नाग की और नागरी लिपि मतलब नाग की लिपि। पुरातात्विक सबूत भी यही बताते हैं कि कुषाणों के बाद ब्राह्मी लिपि में जो शिरोरेखा दिए जाने के क्षीण सबूत मिलते हैं, वह नागकालीय है और उन्हीं क्षेत्रों में मिलते हैं, जहाँ इनका शासन था। इसलिए नागरी लिपि के नामकरण का आधार नाग लोग हैं। Tags : Nagari script uncertainty believe people slightest